सर्व सृष्टि रचनहार
"सृष्टि के उत्पत्ति कर्ता पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी"
आदरणीय गरीबदास साहेब जी की अमृतवाणी में सृष्टी रचना का प्रमाण
आदि रमैणी (सद् ग्रन्थ पृष्ठ नं. 690 से 692 तक)
आदि रमैंणी अदली सारा। जा दिन होते धुंधुंकारा ।।
सतपुरुष कीन्हा प्रकाशा। हम होते तखत कबीर खवासा ।।
अर्थात पहले केवल अंधकार था तथा पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी सत्यलोक में तख्त पर विराजमान थे। हम वहाँ चाकर थे। परमात्मा ने ज्योति निरंजन को उत्पन्न किया। फिर उसके तप के प्रतिफल में इक्कीस ब्रह्मण्ड प्रदान किए। फिर माया (प्रकृति) की उत्पत्ति ।
कुरान के अनुसार कबीर परमात्मा ने ही सारी सृष्टि रची
हजरत मुहम्मद को कुरान शरीफ बोलने वाला प्रभु (अल्लाह) कह रहा है कि वह अल्लाहु अकबर कबीर वही है जिसने जमीन तथा आसमान के बीच में जो कुछ भी विद्यमान है सर्व सृष्टी की रचना छः दिन में की तथा सातवें दिन ऊपर अपने सत्यलोक में तख्त पर विराजमान हो(बैठ) गया। क़ुरान सूरह अल-फुरकान 25 आयत 59
समर्थ परमात्मा कबीर
संत गरीबदास जी ने अपनी वाणी में बताया कि,
सर्व सृष्टी के रचयिता सत कबीर यानि परमेश्वर कबीर जी ही हैं, जो सतलोक में रहते हैं।
ऐ स्वामी सृष्टा मैं, सृष्टी हमरे तीर, दास गरीब अधर बसू। अविगत सत कबीर।।
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